ऐसे कैसे मिलेगा न्याय? दिल्ली की निचली अदालतों में 15 लाख से अधिक पेंडिंग केस, जजों की कमी बड़ी वजह
नई दिल्ली: दिल्ली में निचली अदालतों में न्याय पाने के लिए लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। राजधानी की अदालतों में 15.6 लाख से अधिक केस फैसले के इंतजार में पेंडिंग हैं, जिनमें 13.5 लाख क्रिमिनल और 2.18 लाख सिविल केस शामिल हैं। बढ़ती पेंडेंसी की मुख्य वजह जजों की कम संख्या और हर साल बढ़ते नए मामलों की संख्या है।
हर जज पर 2,200 केस:दिल्ली की निचली अदालतों में करीब 700 जज हैं। इसका अर्थ है कि हर जज औसतन 2,200 पेंडिंग मामलों की जिम्मेदारी संभाल रहा है। राजधानी की आबादी लगभग 3 करोड़ है और हर दिन लगभग 700 जज करीब 28,000 मामलों की सुनवाई करते हैं। इसका मतलब है कि हर जज औसतन 40 मामलों की सुनवाई करता है। हालांकि, कुछ जजों के पास 10,000 से अधिक पेंडिंग मामले हैं और वे दिन में 150 से अधिक मामलों की सुनवाई करते हैं।
नए केस, तेजी से बढ़ती पेंडेंसी:2018 में दिल्ली की अदालतों ने 3.78 लाख केस नि...










