
इंदौर। लुनिया विनायक ग्रुप ऑफ कंपनीज़ द्वारा संचालित “नारी शक्ति महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम” महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक मजबूत पहल है। इस योजना से जुड़कर महिलाएं नियमित आय के साथ 5 वर्षों में करोड़ों रुपये के टर्नओवर वाला स्वयं का व्यवसाय खड़ा कर सकती हैं।
कार्यक्रम के अंतर्गत महिलाओं को गृह उद्योग से उद्यमिता की ओर ले जाया जाएगा। इसमें फूड इंडस्ट्री, हैंडिक्राफ्ट, वुडन क्राफ्ट, स्मॉल स्किल फार्मिंग एवं बी-फार्मिंग जैसे रोजगारोन्मुख उद्योग शामिल हैं।
लुनिया विनायक ग्रुप महिलाओं को न्यूनतम निवेश में LLP रजिस्ट्रेशन, आवश्यक मशीनरी, कच्चा माल, कार्य प्रशिक्षण तथा तैयार उत्पादों की बाय-बैक सुविधा उपलब्ध कराएगा। उद्योग 0% लॉस और 0% वेस्टेज मॉडल पर संचालित होगा, साथ ही सभी सरकारी कंप्लायंस की जिम्मेदारी भी ग्रुप द्वारा ली जाएगी।
ग्रुप के अनुसार, प्रत्येक महिला अपने उद्योग के माध्यम से 10 से 50 लोगों को रोजगार दे सकेगी। यदि 10,000 महिलाएं जुड़ती हैं, तो लगभग 5 लाख रोजगार सृजन संभव होगा।
