Wednesday, February 4

सोते समय मोबाइल सिर के पास रखना क्यों है खतरनाक ? जानिए पूरी सच्चाई

सोते समय मोबाइल सिर के पास रखना क्यों है खतरनाक ? जानिए पूरी सच्चाई

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Mobile Radiation Effects: नींद के दौरान मोबाइल से कैसे बिगड़ता है स्वास्थ्य

सोते समय सिर के पास मोबाइल रखना सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है। मोबाइल रेडिएशन और ब्लू लाइट के दुष्परिणाम, नींद और दिमाग पर असर जानिए इस खास रिपोर्ट में।

(विशेष स्वास्थ्य रिपोर्ट)
आज के डिजिटल युग में मोबाइल फोन हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुका है। लेकिन बहुत से लोग सोते समय मोबाइल को सिर के पास, तकिए के नीचे या बिस्तर पर रखकर सोने की आदत रखते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार यह आदत धीरे-धीरे गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकती है।
मोबाइल फोन से निकलने वाला रेडियो फ्रीक्वेंसी (RF) रेडिएशन लंबे समय तक मस्तिष्क को प्रभावित कर सकता है। सोते समय सिर के पास मोबाइल रखने से सिरदर्द, चक्कर आना, याददाश्त कमजोर होना, तनाव और मानसिक थकान जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
इसके अलावा मोबाइल स्क्रीन से निकलने वाली ब्लू लाइट नींद के लिए जरूरी हार्मोन मेलाटोनिन के स्राव को बाधित करती है। इससे नींद न आना, बार-बार नींद टूटना, अनिद्रा और दिनभर थकान महसूस होना जैसी शिकायतें होती हैं। बच्चों और किशोरों पर इसका प्रभाव और भी ज्यादा गंभीर हो सकता है।
सिर के पास मोबाइल चार्जिंग पर लगाकर सोना एक और बड़ा खतरा है। चार्जिंग के दौरान मोबाइल के अधिक गर्म होने से आग लगने या त्वचा जलने का जोखिम रहता है। साथ ही, लगातार नोटिफिकेशन मानसिक बेचैनी बढ़ाते हैं और मोबाइल की लत को भी बढ़ावा देते हैं।
विशेषज्ञों की सलाह
सोते समय मोबाइल को कम से कम 3 से 5 फीट दूर रखें
सोने से 30–60 मिनट पहले मोबाइल का उपयोग बंद करें
रात में मोबाइल को साइलेंट या एयरप्लेन मोड पर रखें
अलार्म के लिए अलग घड़ी का इस्तेमाल करें
बच्चों को सोते समय मोबाइल से दूर रखें
स्वस्थ नींद ही अच्छे स्वास्थ्य की कुंजी है। मोबाइल से थोड़ी दूरी बनाकर न सिर्फ नींद बेहतर की जा सकती है, बल्कि कई गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों से भी बचा जा सकता है।

यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। इसे चिकित्सकीय सलाह न मानें। किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लिए डॉक्टर से परामर्श अवश्य करें।

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