संसद तक पहुंच गया AI: अनुवादकों की जगह ले सकती है तकनीक
नई दिल्ली: अब संसद में सदस्यों के भाषण का तत्काल अनुवाद करने के लिए तकनीक भी कदम रख चुकी है। लोकसभा और राज्यसभा में बैठने वाले सांसदों के भाषण का हिंदी, अंग्रेजी और कई प्रादेशिक भाषाओं में तत्काल मौखिक अनुवाद करने के लिए हर सीट पर ईयरफोन लगाए जाते हैं। अब इसके लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का उपयोग करने की योजना बन रही है, जिसे संसद के वरिष्ठ अधिकारियों ने आगे बढ़ा दिया है।
AI से होगी अनुवाद सेवा में सुधारलोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने एसआईएस (SIS) सेवा में AI के उपयोग को मंजूरी दे दी है। इसके लागू होने से 2026 तक पारंपरिक ट्रांसलेशन सर्विस विभाग का अस्तित्व समाप्त होने की संभावना है। वर्तमान में राज्यसभा में 21 और लोकसभा में लगभग 50 स्थायी अनुवादक हैं, जो 22 भारतीय भाषाओं में तत्काल अनुवाद करते हैं।
पहले रोकना पड़ा था AI योजनालोकसभा में कई सांसद पढ़कर नहीं बल्कि स्वतःस्फूर्त भाषण देते है...










